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महिलाओं के बीच बढ़ रहा है यूरेटस निकलवाने का चलन, लेकिन हो सकता है ये खतरनाक
डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को निकलवाना किस à¤à¥€ महिला के लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ नहीं माना जाता है। अगर कोई विकलà¥à¤ª न हो जैसे कि कैंसर या कोई अनà¥à¤¯ जानलेवा बीमारी हो तो निकलवा दें। अगर बिना किसी बड़े कारण के आपने बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ निकलवा दी तो आपको इससे कई साइड इफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ हो सकते है। जानिठइनके बारें में।
पीरियडà¥à¤¸ शà¥à¤°à¥ होते ही महिलाओं की लाइफ में कई बदलाव होते है। कई बदलाव à¤à¤¸à¥‡ होते है कि वह परेशान कर देते है। कई महिलाà¤à¤‚ à¤à¤¸à¥€ à¤à¥€ होती है जो बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ को अपने पीरियडà¥à¤¸ और पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में होने वाली समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का कारण मानती है। जिसके चलते उसे निकलवा सही समà¤à¤¤à¥€ है लेकिन यह à¤à¥‚ल जाती है कि निकलवाने के बाद में कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को निकलवाना किस à¤à¥€ महिला के लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ नहीं माना जाता है। अगर कोई विकलà¥à¤ª न हो जैसे कि कैंसर या कोई अनà¥à¤¯ जानलेवा बीमारी हो तो निकलवा दें। अगर बिना किसी बड़े कारण के आपने बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ निकलवा दी तो आपको इससे कई साइड इफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ हो सकते है। जानिठइनके बारें में।
रिकवरी में लगता है जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय
अगर आप सोचती है कि बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ निकलवाने के बाद कोई समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होती है तो आपके बता दें कि इसके बाद à¤à¥€ आपको कई बड़ी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का सामना करना पड़ता है। हो सकता है आपको रिकवरी करने में काफी समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। दरअसल यूरेटस निकलवाने के लिठशरीर में लंबा कट लगाया जाता है। कई मामले à¤à¤¸à¥‡ होते है। जिनमे कà¥à¤·à¥ˆà¤¤à¤¿à¤œ आकार का à¤à¥€ होता है। जिसके बाद उस कट से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को बाहर निकाला जाता है। जिसके बाद घाव और दाग à¤à¤°à¤¨à¥‡ में महीनो या फिर साल लग जाते है।
इस तरह से होता है वजाइना को नà¥à¤•सान
अगर आपके बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ को वजाइना के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निकाला जाता है तो कई तरह की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का सामना करना पड़ता है। वजाइना à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही संवेदनशील अंग माना जाता हैष इसकी मांसपेशियां और टिशूज बहà¥à¤¤ ही नाजà¥à¤• होते है। अगर सरà¥à¤œà¤¨ ने थोड़ा सा à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ न दिया को आपकी वजाइना को नà¥à¤•सान हो सकता है। (शरीर पर पड़े मामूली सा पानी à¤à¤°à¤¾ हà¥à¤ दाने हो सकते है 'हरà¥à¤ªà¥€à¤œ जॉसà¥à¤Ÿà¤°', जानें लकà¥à¤·à¤£, कारण और इलाज)
हो सकती है खून की कमी
यूटेरस निकालने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में में काफी टाइम लगता है। जिसके कारण कई महिलाओं का अधिक खून बह जाता है। जो कि तà¥à¤‚रत रिकवर नहीं होता है। जिसके कारण वह à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के शिकार हो जाती है। कई मामले à¤à¤¸à¥‡ सामने आते है। जिसमें बà¥à¤²à¤¡ कà¥à¤²à¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग के कारण लंगà¥à¤¸ और दिल के लिठखतरनाक होता है।
अंदरà¥à¤¨à¥€ अंगो में आ सकती है चोट
बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ निकलवाने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में कई बार उसके आसपास के अंगो को à¤à¥€ चोट लग जाती है। इसके आसपास आंते, पेलà¥à¤µà¤¿à¤• हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, ओवरी, फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब होती है। जिसके कारण कई बार ये खतरनाक साबित हो सकती है। (पॉलीसिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ओवरी सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® से पीड़ित महिलाओं के नवजात को ऑटिजà¥à¤® का खतरा सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾, जानिठइस बीमारी के बारें में)
समय में पहले हो सकता है मेनोपॉज
बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ को निकालने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महिलाओं में समय से पहले मेनोपॉज की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ आ जाती है, जो कि महिला के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठखतरनाक हो सकता है। जिसके कारण वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में कई तरह के बदलाव आते है।
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